अगर आप 2026 में उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद (Firozabad) में मंदिर दर्शन का प्लान बना रहे हैं, तो यह जानकारी आपके लिए बेहद खास है। इस लेख में हम फिरोजाबाद के 7 प्रसिद्ध मंदिरों के बारे में बता रहे हैं, जहां सालों से भक्तों की गहरी आस्था जुड़ी हुई है। मान्यता है कि इन मंदिरों में सच्चे मन से किए गए दर्शन मात्र से ही मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
खासकर नवरात्रि पर्व (Thu, 19 March 2026 से Fri, 27 March 2026) के दौरान फिरोजाबाद के प्रमुख मंदिरों – राजेश्वरी कैला देवी मंदिर, वैष्णो देवी मंदिर (Vaishno Devi Mandir, Usayani), बालाजी मंदिर (Balaji Mandir, Shikohabad) और बेहड़ वाली माता – के दरबार में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिलती है। इन दिनों पूरा शहर भक्ति और श्रद्धा के रंग में रंगा नजर आता है।
खास बात यह है कि श्री राज राजेश्वरी कैला देवी मंदिर का मंगला दर्शन बेहद शुभ माना जाता है, जिसे भक्त कभी भी मिस नहीं करते। अगर आप आध्यात्मिक शांति, शक्ति और आस्था का अनुभव करना चाहते हैं, तो फिरोजाबाद के ये मंदिर आपकी यात्रा को यादगार बना देंगे।
1. श्री राज राजेश्वरी कैला देवी मंदिर
फिरोजाबाद के कोटला चुंगी के पास स्थित श्री राज राजेश्वरी कैला देवी मंदिर (Shree Rajeshwari Kaila Devi Mandir) केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि लाखों भक्तों की अटूट आस्था का प्रतीक है।इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ जलने वाली अखंड जोत राजस्थान के प्रसिद्ध कैला देवी धाम (करौली) से लाई गई है।नवरात्रों के समय भक्त गाजे-बाजे और डीजे के साथ नाचते हुए विशाल और बेहद खूबसूरत झंडे लेकर आते हैं।
मनोकामना पूर्ति: मान्यता है कि जब भक्त की मुराद पूरी होती है, तो वह परिवार के साथ मां को ध्वजा अर्पित करने आता है। मंदिर प्रांगण में लगे हजारों रंग-बिरंगे झंडे यहाँ की शोभा बढ़ाते हैं।

Google map की मदद से आप, माता रानी मंदिर कैला देवी मंदिर तक आसानी से पहुँच सकते है |
2. वैष्णो देवी मंदिर
फिरोजाबाद के उसयानी में वैष्णो देवी मंदिर का है मंदिर के मुख्य भवन के अंदर चमड़े की बेल्ट, पर्स या किसी भी तरह का बाहर का प्रसाद ले जाना वर्जित है। इसके लिए मंदिर में ‘क्लॉक रूम’ की सुविधा उपलब्ध है। मंदिर के अंदर गंदगी न हो, इसलिए नारियल फोड़ने और दीपक जलाने के लिए बाहर अलग से ‘नारियल स्थली’ और ‘दीप स्थली’ बनाई गई है।
दर्शन का समय
- गर्मियों में: सुबह 5:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक और शाम 3:00 बजे से रात 9:00 बजे तक।
- सर्दियों में: सुबह 6:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक और शाम 3:00 बजे से रात 8:00 बजे तक।

Google map की मदद से आप, माता रानी मंदिर वैष्णो देवी मंदिर तक आसानी से पहुँच सकते है |
3. पसीना वाले हनुमान
फिरोजाबाद शहर से लगभग 10-12 किलोमीटर दूर, यमुना के किनारे सफीपुर गाँव की ऊंची पहाड़ियों पर स्थित है—“पसीना वाले हनुमान जी” का मंदिर। वहां के पुजारी जी का कहना हैं कि यह मंदिर राजा चंद्रसेन की रियासत के समय का है। वैसे तो मंदिर को 100-150 साल पुराना कहा जाता है, मंदिर का निर्माण ‘ककैया ईंटों’ (पुरानी छोटी ईंटें) से हुआ है | ” जब आप मूर्ति को ध्यान से देखेंगे तो आपको उस पर पसीने की बूंदें और गीलापन साफ दिखाई देगा। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार है, यह कुदरत का करिश्मा है | “यह मंदिर यमुना नदी के बिल्कुल सटीक किनारे पर बना है, यहाँ उस महान संत की समाधि भी है जिन्होंने इस मंदिर की सेवा और निर्माण में अपना जीवन समर्पित कर दिया।

Google map की मदद से आप, पसीना वाले हनुमान तक आसानी से पहुँच सकते है |
4. बेहड़ वाली माता
फिरोजाबाद से लगभग 20 किलोमीटर दूर, यमुना किनारे सिकहरा गांव के पास मां चामुंडा का प्राचीन मंदिर स्थित है | जिसे लोकल के भक्त “बेहड वाली माता” भी कहते है | यह मंदिर शहर के शोर-शराबे से दूर, शांति और प्रकृति के बीच स्थित। यहाँ नवरात्रों में भक्तो की भारी भीड़ रहती है और भक्तो की मनोकामना पूरी होने पर वे गाजे -बाजे के साथ नेजा चडाते है, और साथ ही लोगों में प्रसाद भी बांटते है | यहाँ की हरियाली और शांति भक्तों को आकर्षित करती है। यहाँ नवरात्रों में मेला भी लगता है, आने वाले नवरात्रों 19 मार्च से 27 मार्च माह में भक्तो का एक बार फिर मेला लगने वाला है |

Google map की मदद से आप, बेहड़ वाली माता तक आसानी से पहुँच सकते है |
5. बालाजी मंदिर
फिरोजाबाद जिले के शिकोहाबाद में स्थित बालाजी मंदिर आस्था का एक ऐसा केंद्र है जहाँ पैर रखते ही सकारात्मक ऊर्जा का संचार होने लगता है।
- मंदिर में प्रवेश करते ही आपकी नज़र हज़ारों लटके हुए घंटों (Bells) पर पड़ेगी। यहाँ मान्यता है कि जब किसी भक्त की मनोकामना पूरी हो जाती है, तो वह आभार स्वरूप मंदिर में घंटा चढ़ाता है।

Google map की मदद से आप, बालाजी मंदिर (Balaji Mandir) तक आसानी से पहुँच सकते है |
6. शनि देव मंदिर
फिरोजाबाद के जलेश्वर रोड पर स्थित शनि देव मंदिर जिले के सबसे प्रमुख और जागृत मंदिरों में से एक है। यदि आप शनि दोष से मुक्ति या मानसिक शांति की तलाश में हैं, तो यहाँ की यात्रा आपकी श्रद्धा को नया आयाम देगी।
- मंदिर में शनि देव की शिला पर सरसों का तेल अर्पित करने की विशेष व्यवस्था है। भक्त यहाँ अपनी परेशानियों के निवारण के लिए तेल चढ़ाते हैं और दीपक जलाते हैं।
- मंदिर के बाहर और भीतर दान-पुण्य की विशेष व्यवस्था है, जहाँ लोग काले तिल, काली उड़द और वस्त्र दान करते हैं।
- मंदिर का निर्माण कार्य निरंतर प्रगति पर है, जिससे इसकी भव्यता दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। मंदिर परिसर अब पहले से कहीं अधिक विशाल और सुविधाजनक हो गया है।

Google map की मदद से आप, शनि देव मंदिर तक आसानी से पहुँच सकते है |
7. खाटू श्याम मंदिर
- फिरोजाबाद के मक्खनपुर में स्थित खाटू श्याम मंदिर की महिमा निराली है। राजस्थान के मुख्य खाटू श्याम मंदिर (सीकर) की तर्ज पर स्थापित किया गया है। जहाँ भक्तो का कहना है की मंदिर के मुख्य भाग में ‘हारे के सहारे’ बाबा श्याम की अत्यंत मनमोहक प्रतिमा विराजमान है। भक्तों का मानना है कि जो श्रद्धा से यहाँ आता है, बाबा उसकी झोली खुशियों से भर देते हैं। मंदिर के नीचे एक बड़ा बेसमेंट बनाया गया है, जहाँ भक्त बैठकर भजन-कीर्तन करते हैं। यहाँ का वातावरण इतना सकारात्मक है कि लोग घंटों यहाँ ध्यान लगाते हैं।

खाटू श्याम मंदिर में दर्शन देर रात (9:30 PM) तक भक्त कर सकते है है |
“हारे का सहारा, बाबा श्याम हमारा”
Google map की मदद से आप, खाटू श्याम मंदिर तक आसानी से पहुँच सकते है |
