उत्तर प्रदेश में फिरोजाबाद के टुंडला में आंगनबाड़ी में कार्य करने वालो के लिए एक विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस ट्रेनिंग का मुख्य उद्देश्य बच्चों और गर्भवती महिलाओं की पोषण संबंधी देखभाल में सुधार करना है।
दैनिक भास्कर में छपी खबर के अनुसार – बच्चों और गर्भवती महिलाओं के बेहतर भविष्य और उनके स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से टुंडला क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। यहाँ आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के लिए एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें पोषण और उचित देखभाल की बारीकियों को सिखाया गया।
इस प्रशिक्षण शिविर में विशेषज्ञों ने कार्यकत्रियों को बताया कि कैसे वे अपने क्षेत्रों में बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास की निगरानी कर सकती हैं। ट्रेनिंग का मुख्य केंद्र ‘पोषण और देखभाल’ रहा। कार्यकत्रियों को समझाया गया कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले बच्चों और महिलाओं को सरकारी योजनाओं और सही डाइट चार्ट के प्रति कैसे जागरूक किया जा
रिकॉर्ड मेंटेनेंस
सिर्फ पोषण ही नहीं, बल्कि अब आंगनबाड़ी केंद्रों के कामकाज को हाई-टेक बनाने पर भी चर्चा हुई। कार्यकत्रियों को डेटा एंट्री, बच्चों के वजन की सटीक माप और पोषण ट्रैकर ऐप के प्रभावी उपयोग के बारे में जानकारी दी गई। इससे प्रशासन को कुपोषण की स्थिति पर नजर रखने में आसानी होगी।
अधिकारियों का संदेश
आधिकारियो का कहना है की कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकत्रियाँ समाज की बुनियादी स्वास्थ्य सेवा की रीढ़ हैं। यदि वे जागरूक और प्रशिक्षित होंगी, तो मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में भारी कमी लाई जा सकती है। प्रशिक्षण के दौरान कार्यकत्रियों के सवालों के जवाब भी दिए गए और उन्हें फील्ड में आने वाली समस्याओं के समाधान बताए गए।
निष्कर्ष
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम स्वास्थ्य और पोषण सुधार की दिशा में एक अहम कदम है। इससे आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का कौशल बढ़ेगा और कुपोषण खत्म करने में मदद मिलेगी, जिससे स्वस्थ समाज की मजबूत नींव रखी जा सकेगी।
