फिरोजाबाद (Firozabad): जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा (DM Santosh Kumar Sharma) की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला परिषद समिति की बैठक में विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के रिक्त पदों पर समय से चयन न होने तथा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) के तहत फॉर्म भरवाने में लापरवाही पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि आंगनवाड़ी चयन प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ जल्द पूरी की जाए और मातृ वंदना योजना का लाभ हर पात्र महिला तक समय पर पहुंचे।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के रिक्त पदों पर समय से चयन न होने पर अत्यंत नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि,
चयन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी रिक्त पदों पर नियमानुसार जल्द चयन प्रक्रिया पूरी की जाए।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की समीक्षा के दौरान फॉर्म भरवाने में ढिलाई और लापरवाही मिलने पर जिलाधिकारी का रुख भी सख्त रहा। उन्होंने संबंधित सुपरवाइजर्स को अंतिम चेतावनी देते हुए कहा कि इस कार्य में किसी भी स्तर पर सुस्ती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही उन्होंने निर्देश दिए कि कोई भी पात्र लाभार्थी योजना के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए।

डीएम ने अधिकारियों को क्या-क्या निर्देश दिए?
- आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के रिक्त पदों पर चयन प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए।
- चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और नियमानुसार कराई जाए।
- प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के सभी पात्र लाभार्थियों के फॉर्म समय पर भरवाए जाएं।
- सभी बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) स्वयं गांवों में जाकर प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के फॉर्म भरवाना सुनिश्चित करें।
- सभी संबंधित अधिकारी अपने कार्यों की प्रगति रिपोर्ट निर्धारित समय में तैयार करें।
बैठक में कोटला और शिकोहाबाद के सीडीपीओ द्वारा कार्य में बरती गई लापरवाही पर जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने स्पष्ट रूप से उनके खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि देने की बात कही। उन्होंने दोहराया कि जनकल्याणकारी योजनाओं के संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि बैठक में दिए गए सभी निर्देशों पर की गई कार्रवाई की प्रगति रिपोर्ट तैयार की जाए। सभी संबंधित अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट मुख्य विकास अधिकारी शत्रोहन वैश्य के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुंचाना सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी है।
