फिरोजाबाद में 8 लोग ई-रिक्शा में बैठे थे… अचानक नीम का पेड़ गिरा, 5 की मौत

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फिरोजाबाद के फरिहा थाना क्षेत्र के गांव चिड़रई के पास ई-रिक्शा पर नीम का पेड़ गिरने के बाद पुलिस और स्थानीय लोगों ने घायलों को एंबुलेंस से ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया।

फिरोजाबाद के फरिहा थाना क्षेत्र के गांव चिड़रई के पास सोमवार शाम एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। तेज हवा के दौरान सड़क किनारे खड़ा एक पुराना नीम का पेड़ एटा के अवागढ़ से फरिहा की ओर जा रहे ई-रिक्शा पर अचानक गिर पड़ा। उस समय ई-रिक्शा में आठ यात्री सवार थे। हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और स्थानीय ग्रामीणों के साथ पुलिस ने जेसीबी मशीन की मदद से राहत एवं बचाव अभियान चलाकर यात्रियों को बाहर निकाला।

तेज हवा के दौरान हुआ दर्दनाक हादसा

यह हादसा सोमवार शाम करीब साढ़े सात बजे फरिहा थाना क्षेत्र के गांव चिड़रई के पास हुआ। जानकारी के अनुसार एटा के अवागढ़ से फरिहा की ओर जा रहा एक ई-रिक्शा सड़क से गुजर रहा था। उसी दौरान तेज हवा चली और सड़क किनारे खड़ा नीम का पुराना पेड़ अचानक ई-रिक्शा पर गिर गया।

पेड़ इतना भारी था कि ई-रिक्शा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें बैठे सभी आठ यात्री उसके नीचे दब गए। आसपास मौजूद लोगों ने शोर सुनते ही मौके पर पहुंचकर बचाव की कोशिश शुरू की और पुलिस को सूचना दी।

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जेसीबी से हटाया गया पेड़, तब बाहर निकाले जा सके यात्री

सूचना मिलते ही फरिहा थाना पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी और एंबुलेंस मौके पर पहुंच गईं। पेड़ का आकार बड़ा होने के कारण उसे हाथों से हटाना संभव नहीं था। इसके बाद जेसीबी मशीन बुलाकर पेड़ हटाया गया और एक-एक कर सभी यात्रियों को बाहर निकाला गया।

घायलों को तत्काल सरकारी ट्रॉमा सेंटर भेजा गया। अस्पताल पहुंचने से पहले ही पांच लोगों की मौत हो चुकी थी, जबकि तीन घायलों का इलाज जारी है।

हादसे में इन पांच लोगों की गई जान

पुलिस के अनुसार हादसे में जिन लोगों की मौत हुई, उनकी पहचान इस प्रकार हुई है—

  • गजेंद्र (28), निवासी बटोलर, फरिहा
  • हरेश पाल (59), निवासी नगला फतेह
  • विष्णु (20), निवासी ईखू
  • अमन (17), निवासी नगला मंडा, थाना सकरौली, एटा
  • गंगा सिंह (65), निवासी आनंदपुर, अवागढ़

तीनों घायलों का इलाज ट्रॉमा सेंटर में जारी है।

कुछ देर के लिए बाधित रहा यातायात

हादसे के बाद पृथ्वीपुर-चिड़रई मार्ग पर यातायात पूरी तरह रुक गया। राहत एवं बचाव कार्य पूरा होने और पेड़ हटाए जाने के बाद पुलिस ने मार्ग पर यातायात दोबारा शुरू कराया।

डीएम और एसएसपी ने लिया हालात का जायजा

घटना की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे मौके पर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने राहत एवं बचाव कार्य का निरीक्षण किया और बाद में ट्रॉमा सेंटर पहुंचकर घायलों की स्थिति की जानकारी ली। अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया।

मृतकों के परिजनों को मिलेगी 4-4 लाख रुपये की सहायता

जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने दैवीय आपदा राहत निधि के तहत मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। प्रशासन का कहना है कि घायलों के इलाज और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

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ऐसे हादसे क्यों चिंता बढ़ाते हैं?

बारिश, आंधी या तेज हवा के दौरान सड़क किनारे खड़े पुराने और बड़े पेड़ कभी-कभी गंभीर हादसों की वजह बन जाते हैं। विशेषज्ञ भी खराब मौसम के दौरान बड़े पेड़ों के नीचे वाहन रोकने या अधिक देर तक रुकने से बचने की सलाह देते हैं। वहीं, स्थानीय स्तर पर समय-समय पर पुराने और जोखिम वाले पेड़ों का सर्वे और उनकी छंटाई भी ऐसे हादसों की आशंका कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

हालांकि, इस मामले में अभी यह स्पष्ट नहीं है कि पेड़ पहले से कमजोर था या केवल तेज हवा के कारण गिरा। इसका पता जांच के बाद ही चल सकेगा।

पुलिस कर रही है जांच

पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जानकारी में हादसे की वजह तेज हवा के दौरान पेड़ का गिरना सामने आया है। जांच के दौरान यह भी देखा जाएगा कि पेड़ की स्थिति क्या थी और क्या संबंधित विभागों के स्तर पर कोई आवश्यक कार्रवाई पहले की गई थी।

एक हादसा, कई सवाल

कुछ ही सेकंड की तेज हवा ने पांच परिवारों की खुशियां छीन लीं। यह हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सड़क किनारे मौजूद पुराने और जोखिम वाले पेड़ों की नियमित निगरानी की जरूरत भी याद दिलाता है। यदि समय रहते ऐसे पेड़ों की पहचान, छंटाई और आवश्यक कार्रवाई की जाए, तो भविष्य में इस तरह की घटनाओं के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। फिलहाल पूरे जिले की नजर तीन घायलों के इलाज और हादसे की जांच पर टिकी है।

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