फिरोजाबाद के शिकोहाबाद थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर माड़ई गांव में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को झकझोर दिया। सुबह का समय था। घर के बाहर छप्पर के नीचे पूरा परिवार चैन की नींद सो रहा था। किसी ने नहीं सोचा था कि कुछ ही सेकंड में एक बेकाबू गैस टैंकर पूरे परिवार की दुनिया बदल देगा। फिरोजाबाद के मोहम्मदपुर माड़ई गांव में हुए इस हादसे में पिता और 10 वर्षीय बेटे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि -13 वर्षीय बेटी गंभीर रूप से घायल हो गई।
क्या हुआ?
हादसा मंगलवार सुबह करीब 5:30 बजे शिकोहाबाद थाना क्षेत्र के मैनपुरी रोड स्थित मोहम्मदपुर माड़ई गांव में हुआ। कासिम अली (50) अपने 10 वर्षीय बेटे तौसीफ और 13 वर्षीय बेटी शहरीन (शिफा) के साथ घर के बाहर सड़क किनारे बने मड़ई (छप्परनुमा बरामदे) में चारपाई पर सो रहे थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अरांव की ओर से आ रहा इंडेन का गैस टैंकर अचानक अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे उतर गया और सीधे चारपाइयों पर चढ़ गया। हादसे में कासिम अली और उनके बेटे तौसीफ की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं शहरीन उछलकर करीब 6 फीट दूर जा गिरी और गंभीर रूप से घायल हो गई।
घायल किशोरी को पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर उसे सैफई मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां उसका उपचार जारी है।
चालक को झपकी आने की आशंका

प्रारंभिक जांच में पुलिस का कहना है कि हादसे की वजह चालक को नींद की झपकी आना हो सकती है। हादसे के बाद टैंकर पास में खड़े एक ऑटो रिक्शा पर भी चढ़ गया, जिससे ऑटो पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
स्थानीय लोगों ने मौके से भागने की कोशिश कर रहे चालक को पकड़ लिया। पुलिस ने चालक को हिरासत में लेकर टैंकर को कब्जे में ले लिया है।
हादसे के बाद सड़क पर उतरे ग्रामीण
घटना से नाराज ग्रामीणों ने सुबह करीब 6:15 बजे शिकोहाबाद-मैनपुरी मार्ग पर जाम लगा दिया। ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मृतक परिवार को उचित मुआवजा और दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
करीब एक घंटे तक दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। सूचना मिलने पर एसडीएम गजेंद्र पाल सिंह, सीओ अमरीश कुमार और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों के आश्वासन के बाद करीब 7:15 बजे जाम समाप्त कराया गया और यातायात सामान्य हुआ।
गांव वालों को याद आ गया पुराना हादसा
ग्रामीणों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब इस सड़क पर ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ हो। उनके अनुसार, वर्ष 2005 में भी सड़क किनारे सो रहे लोगों पर एक टैंकर चढ़ गया था, जिसमें आठ लोगों की मौत और कई लोग घायल हुए थे।
इसी वजह से इस बार की घटना ने गांव के लोगों के पुराने जख्म फिर से ताजा कर दिए।
ऑटो चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते थे कासिम
कासिम अली ऑटो रिक्शा चलाने के साथ मजदूरी भी करते थे। उनके परिवार में दो बेटे और चार बेटियां हैं। एक बेटा दिल्ली में मजदूरी करता है, जबकि बड़ी बेटी की शादी हो चुकी है। हादसे के समय परिवार के अन्य सदस्य घर के अंदर सो रहे थे, जबकि कासिम अपने बेटे और बेटी के साथ बाहर सो रहे थे।
पुलिस ने क्या कहा?
सीओ अमरीश कुमार ने बताया कि टैंकर चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। वाहन को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी गई है। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
यह हादसा सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं है। अगर ग्रामीणों का दावा सही है कि इसी स्थान पर पहले भी ऐसा हादसा हो चुका है, तो सवाल सिर्फ चालक की लापरवाही का नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा और ऐसे संवेदनशील स्थानों पर प्रभावी सुरक्षा उपायों का भी है।
यह हादसा कई सवाल छोड़ गया
मोहम्मदपुर माड़ई गांव में हुआ यह हादसा सिर्फ एक परिवार के लिए नहीं, बल्कि पूरे इलाके के लिए गहरा सदमा बन गया। ग्रामीणों का दावा है कि इसी सड़क पर पहले भी ऐसा हादसा हो चुका है। यदि यह तथ्य जांच में सही पाया जाता है, तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि ऐसे संवेदनशील स्थानों पर भारी वाहनों की सुरक्षा, गति नियंत्रण और सड़क किनारे रहने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए अब तक क्या प्रभावी कदम उठाए गए हैं।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और चालक से पूछताछ जारी है। वहीं गांव के लोग घायल किशोरी के जल्द स्वस्थ होने और मृतक परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
